यह आईएएस चर्चा में: बेटे का एडमिशन कराया आंगनबाड़ी में, खेलते-खेलते सीख रहा ए, बी, सी, डी
BREAKING
यूपी कैबिनेट की बड़ी मंजूरी, 26,315 करोड़ रुपये से बनेगा 333 किमी लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से; 10 लाख नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे, CM मान बोले- मैनुअल नहीं डिजिटल वैरिफिकेशन होगा दिल्ली में PM आवास के पास राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन; मोदी-धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे का बदला अलाइनमेंट, कैबिनेट ने दी मंजूरी छात्र प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस का पीएम आवास के बाहर विरोध, राहुल गांधी से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, कई नेता हिरासत में

यह आईएएस चर्चा में: बेटे का एडमिशन कराया आंगनबाड़ी में, खेलते-खेलते सीख रहा ए, बी, सी, डी

 IAS Archana Verma

IAS Archana Verma

हाथरस।  IAS Archana Verma: जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने मिसाल पेश की है। उन्होंने 17 माह के बेटे अभिजित का दाखिला किसी बड़े प्ले ग्रुप स्कूल में नहीं बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है। वह प्रतिदिन सुबह बेटे को छोड़ने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पर जाती हैं। उनका बेटा यहीं अन्य बच्चों के साथ घुलमिल कर रहता है। डीएम के इस कदम की हर कोई सराहना कर रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्र और सरकारी विद्यालयों में खामियां, सुविधाओं के अभाव की बातें अक्सर सामने आती रहती हैं, लेकिन हाथरस के मुरसान ब्लाक के गांव दर्शना का आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों चर्चाओं में आ गया है। यहां डीएम अर्चना वर्मा का बेटा अभिजित सीखने के लिए जो आता है।

डीएम का बेटा आंगनबाड़ी में खाता है मिड-डे मील

17 माह का अभिजित अन्य बच्चों के साथ खूब घुलमिल कर रहता है। उन्हीं के साथ खाना भी खाता है। कई घंटे वह यहां बिताता है। उन्हीं बच्चों के साथ बैठकर आंगनबाड़ी में मिलने वाला मिड-डे मील को भी खाता है। डीएम प्रतिदिन सुबह गाड़ी से उसे छोड़ने के लिए जाती हैं। वहां 20 से 30 मिनट तक अन्य बच्चों के साथ भी रहती हैं। उसके बाद बच्चे को छोड़कर कार्यालय चली जाती हैं। छुट्टी होने पर बच्चे को डीएम के स्टाफ की कार लेने आती है।

'हमारे सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र अब किसी से कम नहीं'

डीएम का कहना है कि हमारे सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र अब किसी से कम नहीं है। वहां अब हर सुविधाएं हैं। लर्निंग लैब भी बन रही हैं। स्टाफ भी अच्छा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्टाफ के लोग बच्चों की अच्छी देखभाल करता है। दर्शना गांव का आंगनबाड़ी केंद्र उनके आवास से काफी नजदीक है। आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने से बेटे अभिजित की सीखने की रुचि बढ़ी है। वह समाजिक हो रहा है। हर किसी से घुल मिल जाता है। डीएम के अनुसार वह चाहती हैं कि बेटा सभी बच्चों के साथ घुल मिलकर रहे। उसके अंदर अच्छे संस्कार आएंगे तो भविष्य में उसके काम आएंगे।

आंगनबाड़ी केंद्र पर बढ़ी बच्चों की संख्या

डीएम के बेटे के दाखिले के बाद इस केंद्र पर बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है। पहले यहां 30 बच्चे थे, गत तीन माह में यह संख्या बढ़कर 38 हो गई है। यहां स्टाफ भी सभी का बेहद ध्यान रखता है। डीएम के इस कदम के बाद आसपास के गांव के लोग भी प्रेरित हुए हैं।

यह पढ़ें:

हापुड़ में आग से दो सगी बहनें जिंदा जलीं, अकेले घर में खेलते समय हुआ हादसा

राम मंदिर उद्घाटन से पहले बड़ा फैसला, होटलों की सभी प्री-बुकिंग कैंसिल

30 दिसंबर को पीएम मोदी आ रहे अयोध्‍या, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रेलवे स्‍टेशन का करेंगे लोकार्पण